लोन EMI कैलकुलेटर

1,00,000 का लोन 6% सालाना ब्याज पर 30 साल के लिए लें तो हर महीने 599.55 की किस्त बनती है और कुल ब्याज 1,15,838.19 होता है।

भुगतान का तरीका

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कैसे इस्तेमाल करें

  1. लोन की रकम, सालाना ब्याज दर प्रतिशत में, और अवधि साल या महीनों में डालें।
  2. भुगतान का तरीका चुनें: बराबर किस्त (EMI), बराबर मूलधन, या सिर्फ़ ब्याज और मूलधन आख़िर में।
  3. किस्त और कुल ब्याज देखें, फिर शेड्यूल में हर महीने का मूलधन, ब्याज और बकाया देखें। ज़रूरत हो तो शेड्यूल कॉपी करके स्प्रेडशीट में चिपकाएँ।

गणना कैसे होती है

मासिक दर r = सालाना दर ÷ 100 ÷ 12। किस्तों की संख्या n = महीनों में अवधि।

बराबर किस्त (EMI): किस्त = P · r / (1 − (1 + r)^−n)। हर महीने ब्याज = बकाया × r, और किस्त का बाकी हिस्सा बकाया घटाता है। 0% पर किस्त सीधे P ÷ n है।

बराबर मूलधन: हर महीने P ÷ n मूलधन और बचे बकाये पर ब्याज चुकाया जाता है, इसलिए पहली किस्त P ÷ n + P · r होती है और किस्तें हर महीने घटती हैं।

सिर्फ़ ब्याज: हर महीने P · r चुकाया जाता है, और आख़िरी महीने P · r के साथ पूरा मूलधन P।

कुल ब्याज = सभी किस्तों का जोड़ − P। आख़िरी पंक्ति में बकाया हमेशा ठीक शून्य होता है। रकमें पूरी सटीकता से निकाली जाती हैं और सिर्फ़ दिखाने के लिए दशमलव के बाद दो अंकों तक पूर्णांकित होती हैं।

तीन भुगतान तरीकों की तुलना

हर पंक्ति एक ही लोन है: 1,00,000, 6% सालाना पर 10 साल (हर महीने भुगतान, 120 किस्तें)। रकमें एक ही मुद्रा की संख्याएँ मानी गई हैं।

भुगतान तरीकापहली किस्तआख़िरी किस्तकुल ब्याजकुल भुगतान
बराबर किस्त (EMI)1,110.211,110.2133,224.601,33,224.60
बराबर मूलधन1,333.33837.5030,250.001,30,250.00
सिर्फ़ ब्याज (मूलधन आख़िर में)500.001,00,500.0060,000.001,60,000.00

कौन-सा तरीका किसके लिए

  • बराबर किस्त (EMI): हर महीने एक जैसी रकम, इसलिए घर का बजट बनाना आसान। शुरुआती किस्तों का बड़ा हिस्सा ब्याज होता है। भारत में ज़्यादातर होम और पर्सनल लोन इसी तरह चलते हैं।
  • बराबर मूलधन: हर महीने एक जैसा मूलधन, इसलिए किस्त ऊँची शुरू होकर घटती है। EMI से कुल ब्याज कम लगता है।
  • सिर्फ़ ब्याज: हर महीने सिर्फ़ ब्याज, और आख़िरी महीने पूरा मूलधन एक साथ। मासिक बोझ सबसे हल्का, पर कुल ब्याज सबसे ज़्यादा। आख़िर में मूलधन का इंतज़ाम रखना पड़ता है।

इस हिसाब की मान्यताएँ

  • दर नाममात्र सालाना दर है। हर महीने का ब्याज बकाया × (सालाना दर ÷ 12) है।
  • भुगतान हर महीने, महीने के अंत में होता है, और पहली किस्त लोन शुरू होने के एक महीने बाद आती है।
  • फ़ीस, बीमा, बदलती दरें, समय से पहले भुगतान और मोरेटोरियम शामिल नहीं हैं। असली अनुबंध अलग हो सकता है और हर बैंक का पूर्णांकन भी अलग होता है, इसलिए आँकड़े अनुमान हैं, अनुबंध नहीं।

अंतिम समीक्षा 2026-10-13

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बराबर किस्त और बराबर मूलधन में क्या फ़र्क है?

बराबर किस्त (EMI) में हर महीने की रकम एक जैसी रहती है और शुरुआती महीनों में ब्याज ज़्यादा होता है। बराबर मूलधन में हर महीने मूलधन का एक जैसा हिस्सा चुकाया जाता है, इसलिए शुरुआती किस्तें बड़ी होकर घटती जाती हैं और कुल ब्याज कम लगता है।

क्या मैं अवधि महीनों में डाल सकता हूँ?

हाँ। यूनिट को महीने पर करें, जैसे 18 महीने, या साल में डालें, जैसे 2.5 यानी 30 महीने। अवधि पूरे महीनों में बननी चाहिए, ज़्यादा से ज़्यादा 1,200।

लंबे लोन पर कुल ब्याज इतना ज़्यादा क्यों होता है?

ब्याज हर महीने बकाया रकम पर लगता है, और लंबे लोन में बकाया सालों तक ऊँचा रहता है। अवधि आधी करने पर अक्सर कुल ब्याज आधे से भी ज़्यादा घट जाता है।

क्या यह दर APR है?

नहीं। यह नाममात्र सालाना दर है, जिसे हर महीने के लिए 12 से भाग दिया जाता है। APR में फ़ीस और चक्रवृद्धि भी जुड़ी होती है, इसलिए यहाँ अनुबंध वाली दर डालें और बैंक के कोटेशन से थोड़ा फ़र्क आ सकता है।

क्या इसमें प्रोसेसिंग फ़ीस या बीमा शामिल है?

नहीं। यह सिर्फ़ ब्याज और मूलधन देखता है। प्रोसेसिंग फ़ीस, बीमा, टैक्स, बदलती दरें और समय से पहले भुगतान इस कैलकुलेटर में नहीं हैं।

यह कौन-सी मुद्रा इस्तेमाल करता है?

कोई भी। एक ही मुद्रा में सादी संख्याएँ डालें और नतीजा उसी मुद्रा में पढ़ें। मुद्रा चिह्न सेट करने की ज़रूरत नहीं।